सुन्दर व रेशम जैसे लहराते बाल हर किसी की ख्वाहिश होतीं है। इसके लिए हम कई रह तरह के हेअर पैक लगाते है। फिर भी सही रिजल्ट नहीं मिलता है, कारण हमें पता नहीं होता है कि हमारे बाल किस तरह के है। यदि बालों के अनुरूप पैक लगाए जाए तो पूरा रिजल्ट मिलेगा। आइए जाने बालों के अनुरूप कैसे बनाए हेअर पैक...
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अपनी त्वचा के पहचानने के तरीके - Identity Of Your Cosmetic Skin
प्रत्येक स्त्री सुन्दर दिखना चाहती है इसके लिये वह तरह-तरह के फेशियल, फेसपैक, स्क्रब आदि का इस्तेमाल करती है परन्तु फिर भी उन्हें सही रिजल्ट नहीं मिलता है कारण यह है कि त्वचा किस प्रकार की है हमें पता नहीं होता आइये जानते है अपनी त्वचा को पहचानने के तरीके...
कैसे करें पैरों की देखरेख - Home Remedies For Foot
वैसे तो सभी स्रियाँ अपनी त्वचा को लेकर काफी जागरूक होती हैं। उनकी देखभाल प्रायः चेहरे के प्रति अधिक रहती है, इस चक्कर मे वे अक्सर अपने पैरों को नजरअंदाज कर देती है, जो कि सही नही है।इससे उनके पैर रूखे और बेजान हो जाते है ।आइए जाने कैसे पाये निजात पैरों की इन समस्याओं से...
हाथ बने खूबसूरत - Home Remedies Of Hand
चेहरे की सुन्दरता के साथ-साथ हाथों की सुन्दरता भी आवश्यक है। दिन भर के काम-काज करते-करते हमारे हाथ भी थक जाते हैं और बेजान हो जाते हैं। जिससे हमारे व्यक्तिव में कुछ न कुछ कमी रह ही जाती है। इन्हें जरूरत है थोड़ी देखरेख की। आइए जाने हाथों को नर्म व सुन्दर बनाने के तरीके ...
मुँहासे से छुटकारा पाये - Home Remedies For Acne
टीनएजर्स के चेहरे पर कील-मुहांसों का होना एक आम बात है,किसी को ये ज्यादा दिनों के लिए निकले हैं तो किसी को कम।पेट में कब्ज बने रहने के कारण भी मुंहासें निकलते हैं।कभी कभी ये भयानक रूप भी धारण कर लेते हैं इसके कारण चेहरे की शक्ल भी बिगड़ जाती है। इसके लिए जरूरी है कि शुरुआती दिनों में ही इसे नियंत्रित किया जाये।मुहांसों को कभी भी हाथ से न दबाये क्योकिं इससे चेहरे पर दाग पड़ सकते हैं।मुंहासों के लिए कुछ घरेलू पैक बनाकर भी लगा सकते हैं...
सर्दियों में पाये नर्म व चमकदार त्वचा - Home Remedies For Soft & Light Skin
वैसे तो हर मौसम में त्वचा को नर्म, सुन्दर व् चमकदार बनाने के लिए नमी व पोषण की आवश्यकता होती है, लेकिन सर्दियों के मौसम मे त्वचा को ज्यादा नमी व देखभाल की जरूरत होती है क्योंकि खुष्क हवाओं के कारण त्वचा बहुत जल्द रूखी व बेजान हो जाती है। कुछ घरेलू टिप्स अपनाकर नर्म व चमकदार स्किन पा सकते हैं...
आँखों के नीचे काले धब्बे (डार्क सर्कल) हटाने के घरेलु टिप्स - Home Remedies For Dark Circle Under Eye
आँखे हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है। सुन्दर व स्वस्थ आँखें हमारी खूबसूरती को निखारने का काम करती हैं। सुन्दर आँखें हर किसी का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित कर लेती हैं। यदि इन्हीं आँखों के काले धब्बे और झुर्रियाँ पड़ जाते हैं तो हमारी सुंदरता कम हो जाती है। आजकल के जीवन शैली का प्रभाव भी आँखों पर पड़ा है। कम सोना,अधिक थकावट, देर तक कम्प्युटर पर काम करना व सही खान पान का न होना आदि कारणों से आँखों के नीचे काले धब्बे पड़ जाते हैं। अगर आँखों की सही देखभाल और संतुलित भोजन लेने से भी इन समस्याओं से दूर रहा जा सकता है। इसके अलावा कुछ घरेलु आसान व कारगर नुस्खे को अपनाकर भी इन समस्याओं से निजात पा सकते हैं...
सर्दियों में बालों के रूसी से छुटकारा पाये - Home Remedies For Winter Dandruf
सर्दियों के मौसम में रुसी की समस्या सबसे ज्यादा देखने को मिलती है। ऑयली बालों में रुसी ज्यादा होती है।रुसी के कारण बालों में खुजली होने लगती है और बाल भी झड़ने लगते हैं।अगर चाहते हैं कि आपके बाल डैन्ड्रफ फ्री हो तो इन घरेलू टिप्स को आजमाये...
कास्मेटिक शब्दावली - Cosmetic Vocabulary
मेकअप करने से पहले और इसके बारे में जानने से पहले मेकअप में प्रयोग होने वाले सौंदर्य प्रसाधन(कास्मेटिक) के बारे में जानना जरूरी है और इससे भी आवश्यक है इसके अंतर्गत प्रयोग किये जाने वाले शब्दों के बारे में जानना,क्योंकि यदि हमें इन शब्दों का सही ज्ञान और इनका सही अर्थ नहीं मालूम होगा तो हमें कास्मेटिक और मेकअप प्रक्रिया को समझने में कठिनाई होगी।इसलिये आज हम कास्मेटिक शब्दावली के बारे में जानेगें.....
▪एलर्जी- कोई भी प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से त्वचा पर खुजली व लाली का होना।
▪एक्ने- त्वचा पर तैलीय दाने जिसे मुंहासें भी कहते हैं।
▪एंटीऑक्सीडेंट- यह ऑक्सीजन की वजह से तेल व चर्बी को सड़ने से बचाता है। एस्ट्रिजेंट-त्वचा को साफ करके हल्का कसाव देता है। एलास्टिन-यह त्वचा को लचीलापन देता है।
▪एक्स कोलिएसन- त्वचा के ऊपरी परत को उतारना।जैसे-स्क्रब करना।
▪टोनर- रूखी त्वचा को ताजगी देता है और अस्थाई कसाव देता है।
▪बैक्टीरिया- बिल्कुल छोटे कीटाणु जो संक्रमण फैलाते हैं।
▪सेल्युलाईट- ऐसी जमी हुई चर्बी जो आसानी से नहीं घटती।
▪इपीडर्मिस- त्वचा का बाहरी परत होती है।
▪डर्मिस- त्वचा का दूसरा हिस्सा मेलानिन,एलास्टिन,कोलाजिन शिबम और श्वेत ग्रन्थि और खून की धमनियाँ होती हैं।
▪सबडर्मिस- त्वचा का तीसरा स्तर जिसमें मसल्स होती है।
▪डेपीलेसन- बाल उतरने का तरीका होता है।उसके बाद बाल दोबारा उगते हैं।
▪कंडीशनर- बाल के ऊपरी सतह पर छोटे परत को बिछाकर बालों को स्वस्थ बनाता है।
▪कैरोटीन- न घुलने वाला प्रोटीन जो त्वचा,बाल व नाखूनों में पाया जाता है।
▪मेलानिन- त्वचा के रंगके लिए जिम्मेदार।उसका कम या ज्यादा होना त्वचा को गोरा या सांवला बनाता है।
▪मॉइश्चराइजर- यह त्वचा को सूखने से बचाता है।
▪सिबेशियम ग्रन्थि- सिबेशियम ग्रन्थि से निकला तैलीय व चिकना पदार्थ बालों को चमक देता है और त्वचा को नरम करता है।
▪स्वेट(पसीना)- कोशिकाओं का अपशिष्ट पदार्थ (गन्दगी) होता हैं जो त्वचा से बाहर निकलता है।
▪स्क्रब- विशेष फॉर्मूले द्वारा बारीक दानो को क्लिंजिंग बेस में मिलाया जाता है।इससे त्वचा की मृत कोशिकाओं को उतारते हैं।
▪फोटोएजिंग- सूरज की किरणों का त्वचा पर प्रभाव उसकी वजह से हल्की लाल झुर्रियाँ और समय से पहले बुढ़ापा का एहसास।
▪अल्ट्रावॉयलेट- सूरज की हानिकारक किरणें जो त्वचा को झुलसा देती हैं और समय से पहले त्वचा को बूढ़ी कर देती है
▪पोर्स- त्वचा के बाहरी हिस्से में पसीना ग्रंथिं के सूखने की जगह। फेस पैक-कोशिका को नवजीवन और संतुलित करके त्वचा में कसाव देता है।
▪नरिस- त्वचा को पोषण देना।
▪लिपिड- त्वचा में पाये जाने वाला चर्बी।
▪कोशिका(cell)- शरीर कोशिकाओं से बना होता है।
▪ब्लीचिंग- ब्लीच बेजान कोशिकाओं को त्वचा से बाहर निकलता है।रोओं को छिपाने का तरीका है।जिससे रोओं का कलर लाइट हो जाता है।
▪वैक्सिंग- शरीर के अनचाहे बालों को हटाने का तरीका है।
▪सन प्रोटेक्शन फैक्टर(स.पी.फ.)- यह एक तरह का सुरक्षा कवच होता है।इसका uv समतल त्वचा को सूर्य की किरणों से बचाता है।
▪क्लीनजिंग- त्वचा को साफ करना।इसके लिए बाजार में कई तरह के क्लीनजिंग प्रोडक्ट मिलते हैं या गुलाबजल से भी चेहरा साफ कर सकते हैं।
▪कंसीलर- चेहरे के दाग-धब्बे को छिपाने का काम करता है।
▪फाउंडेशन- मेकअप से पहले बेस तैयार करने के लिए फाउंडेशन लगाया जाता है।इससे चेहरे पर फ्रेश लुक आता है।
▪ब्लशर या रुज- इसका प्रयोग गालों को उभारने के लिए किया जाता है।
▪आईलाईनर- इसका प्रयोग आँखों को हाइलाइट करने के लिए किया जाता है।
▪आईशैडो- इसे पलकों पर लगाया जाता है।
▪मस्करा- पलको की बरौनियों पर लगाया जाता है।
▪लिपिस्टिक- होठों पर लगाया जाता है।
▪लिपलाइनर- होठों को सही शेप देने के लिये प्रयोग किया जाता है।
▪लिपग्लास- इससे होठों को ग्लासी लुक दिया जाता है।
▪हेअर जेल- बालों में लगाया जाता है।
▪नेलपालिश- नाखुनों पर लगाया जाता है।
▪एलर्जी- कोई भी प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से त्वचा पर खुजली व लाली का होना।
▪एक्ने- त्वचा पर तैलीय दाने जिसे मुंहासें भी कहते हैं।
▪एंटीऑक्सीडेंट- यह ऑक्सीजन की वजह से तेल व चर्बी को सड़ने से बचाता है। एस्ट्रिजेंट-त्वचा को साफ करके हल्का कसाव देता है। एलास्टिन-यह त्वचा को लचीलापन देता है।
▪एक्स कोलिएसन- त्वचा के ऊपरी परत को उतारना।जैसे-स्क्रब करना।
▪टोनर- रूखी त्वचा को ताजगी देता है और अस्थाई कसाव देता है।
▪बैक्टीरिया- बिल्कुल छोटे कीटाणु जो संक्रमण फैलाते हैं।
▪सेल्युलाईट- ऐसी जमी हुई चर्बी जो आसानी से नहीं घटती।
▪इपीडर्मिस- त्वचा का बाहरी परत होती है।
▪डर्मिस- त्वचा का दूसरा हिस्सा मेलानिन,एलास्टिन,कोलाजिन शिबम और श्वेत ग्रन्थि और खून की धमनियाँ होती हैं।
▪सबडर्मिस- त्वचा का तीसरा स्तर जिसमें मसल्स होती है।
▪डेपीलेसन- बाल उतरने का तरीका होता है।उसके बाद बाल दोबारा उगते हैं।
▪कंडीशनर- बाल के ऊपरी सतह पर छोटे परत को बिछाकर बालों को स्वस्थ बनाता है।
▪कैरोटीन- न घुलने वाला प्रोटीन जो त्वचा,बाल व नाखूनों में पाया जाता है।
▪मेलानिन- त्वचा के रंगके लिए जिम्मेदार।उसका कम या ज्यादा होना त्वचा को गोरा या सांवला बनाता है।
▪मॉइश्चराइजर- यह त्वचा को सूखने से बचाता है।
▪सिबेशियम ग्रन्थि- सिबेशियम ग्रन्थि से निकला तैलीय व चिकना पदार्थ बालों को चमक देता है और त्वचा को नरम करता है।
▪स्वेट(पसीना)- कोशिकाओं का अपशिष्ट पदार्थ (गन्दगी) होता हैं जो त्वचा से बाहर निकलता है।
▪स्क्रब- विशेष फॉर्मूले द्वारा बारीक दानो को क्लिंजिंग बेस में मिलाया जाता है।इससे त्वचा की मृत कोशिकाओं को उतारते हैं।
▪फोटोएजिंग- सूरज की किरणों का त्वचा पर प्रभाव उसकी वजह से हल्की लाल झुर्रियाँ और समय से पहले बुढ़ापा का एहसास।
▪अल्ट्रावॉयलेट- सूरज की हानिकारक किरणें जो त्वचा को झुलसा देती हैं और समय से पहले त्वचा को बूढ़ी कर देती है
▪पोर्स- त्वचा के बाहरी हिस्से में पसीना ग्रंथिं के सूखने की जगह। फेस पैक-कोशिका को नवजीवन और संतुलित करके त्वचा में कसाव देता है।
▪नरिस- त्वचा को पोषण देना।
▪लिपिड- त्वचा में पाये जाने वाला चर्बी।
▪कोशिका(cell)- शरीर कोशिकाओं से बना होता है।
▪ब्लीचिंग- ब्लीच बेजान कोशिकाओं को त्वचा से बाहर निकलता है।रोओं को छिपाने का तरीका है।जिससे रोओं का कलर लाइट हो जाता है।
▪वैक्सिंग- शरीर के अनचाहे बालों को हटाने का तरीका है।
▪सन प्रोटेक्शन फैक्टर(स.पी.फ.)- यह एक तरह का सुरक्षा कवच होता है।इसका uv समतल त्वचा को सूर्य की किरणों से बचाता है।
▪क्लीनजिंग- त्वचा को साफ करना।इसके लिए बाजार में कई तरह के क्लीनजिंग प्रोडक्ट मिलते हैं या गुलाबजल से भी चेहरा साफ कर सकते हैं।
▪कंसीलर- चेहरे के दाग-धब्बे को छिपाने का काम करता है।
▪फाउंडेशन- मेकअप से पहले बेस तैयार करने के लिए फाउंडेशन लगाया जाता है।इससे चेहरे पर फ्रेश लुक आता है।
▪ब्लशर या रुज- इसका प्रयोग गालों को उभारने के लिए किया जाता है।
▪आईलाईनर- इसका प्रयोग आँखों को हाइलाइट करने के लिए किया जाता है।
▪आईशैडो- इसे पलकों पर लगाया जाता है।
▪मस्करा- पलको की बरौनियों पर लगाया जाता है।
▪लिपिस्टिक- होठों पर लगाया जाता है।
▪लिपलाइनर- होठों को सही शेप देने के लिये प्रयोग किया जाता है।
▪लिपग्लास- इससे होठों को ग्लासी लुक दिया जाता है।
▪हेअर जेल- बालों में लगाया जाता है।
▪नेलपालिश- नाखुनों पर लगाया जाता है।
मुँह के छालों से छुटकारा पाने के घरेलू नुस्खे - Homemade Remedies For Mouth Blisters
मुँह में छालों का होना आम समस्या हो गयी है। मुँह में छाले गालों पर,होठों पर और जीभ पर हो जाते हैं। जिसमें दर्द व जलन होता है। मुँह के छाले होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे-ज्यादा गर्म व तीखा भोजन करना, पेट में कब्ज का बना रहना आदि। मुख्यरूप से मुँह के छाले आँत की गर्मी के वजह से होते हैं,जिन लोगों को कब्ज बना रहता है, पेट साफ नहीं होता अक्सर उन लोगों को मुँह के छालों की समस्या ज्यादा होती है। इस स्थिति में कुछ भी खाने-पीने में दिक्कत होती है। कभी-कभी दिक्कत इतना अधिक बढ़ जाती है कि बोलना भी मुश्किल हो जाता है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिये हम कुछ घरेलू व आयुर्वेदिक नुस्खों का भी प्रयोग कर सकते हैं....
ब्यूटी और स्किन केयर टिप्स
1→खूब सारा पानी पीजिये और अंदर से तरोताजा रहिये। इससे शरीर से सारी गंदगी बाहर निकलती है और बॉडी में नए सेल्स बनते हैं.
2→आपको हर दिन दो गिलास जूस अवश्य पीना चाहिये. इससे स्किन में पोषण पहुंचेगा और स्किन ग्लो करेगी.
2→आपको हर दिन दो गिलास जूस अवश्य पीना चाहिये. इससे स्किन में पोषण पहुंचेगा और स्किन ग्लो करेगी.
होम रेमेडीज फॉर डी-टैनिंग
सूरज की गर्मी से काली हो गयी त्वचा के लिए आलू, नीबू टमाटर, और जौ का आटा बहुत ही अच्छा होता है, इसे लगा के टैनिंग से बचा जा सकता है..
1.टमाटर में ल्य्कोपेन होता है जो एक अच्छा टैनिंग प्रोटेक्टर है. इसलिए टमाटर का जूस चेहरे पर लगाये और 20 मिनट के बाद ठन्डे पानी से धो ले. त्वचा की खोई रंगत वापस आ जाएगी.गर्मी के मौसम की समस्याओं से पाये निजात
क्या झुलसा देने वाली गर्मी में भी सुन्दर दिखना आसान है, क्या संभव है सूरज की तपिश में भी त्वचा को खूबसूरत और चमकदार बनाये रखना? क्या बचा जा सकता है सूरज से निकलने वाली तेज किरणों से होने वाली टैनिंग, रैशेज और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से इन सभी सवालों का जबाब है हाँ। इस मौसम में आपकी त्वचा को दागदार न होने देंगी ये टिप्स...
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